विविधता और मान्यताएं भारतीय संस्कृति के पर्याय है। होली के दिन हर गली और हर घर रंगों में सराबोर नजर आता है। हर रंग का महत्व होता है। भारत में हर अवसर और पल के लिए एक रंग है। हर…
‘शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट’ यानि ‘एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट’ (‘असर’) 2005 से एक एनजीओ ‘प्रथम’ द्वारा हर दूसरे साल प्रकाशित की जाती है। ‘असर’ एक नागरिक पहल पर होने वाला घरेलू सर्वेक्षण है जो बच्चों की स्कूली शिक्षा…
स्मृति शेष गांधीवादी और वन अधिकार कार्यकर्ता मोहन हीराबाई हीरालाल का 23 जनवरी 25 को नागपुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे गढ़चिरौली जिले के लेखा-मेंढा गांव में ‘मावा नाटे मावा राज’ आंदोलन के स्तंभ थे। गांधी-विनोबा के…
जबलपुर की ‘श्री जानकी बैंड ऑफ वुमन’ ने सुरों में पिरोई कविताएं, सस्वर गान से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध इंदौर 19 जनवरी । भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है श्री जानकी बैंड…
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल का वार्षिक जलवायु महोत्सव अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल ने अपने वार्षिक जलवायु महोत्सव के तीसरे वर्ष ‘माउंटेन्स ऑफ लाइफ’ का सात दिवसीय महोत्सव जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण के साथ लोगों के गहरे…
आजादी के साढ़े सात दशकों बाद भी सीवर-सेप्टिक टेंक की सफाई में जान देते अनेक सफाईकर्मी हमारे विकास का ही मुंह नहीं चिढाते, बल्कि उस सामाजिक ताने-बाने को भी शर्मिंदा करते हैं जिसमें एक तबके को दूसरे की वीभत्स गंदगी…
दीया निहायत सात्विक, सौम्य, शांत और स्निग्ध रोशनी का संचार करता है। दीये की लौ साधना तथा समर्पण की मिसाल है। उसकी सत्ता शाश्वत है। अंधेरी रात जलती दीपमाला निराशा पर आशा का ध्वज फहराती है, दुख से हर्ष की…
गांधी, विनोबा व जयप्रकाश के समर्थकों, प्रबुद्धजनों, छात्रों का राजघाट स्थित परिसर में जमावड़ा शुरू वाराणसी, 29 जून । वाराणसी स्थित सर्वोदय आंदोलन की शीर्षस्थ संस्था सर्व सेवा संघ के भवनों के जमींदोज करने की कार्रवाई पर संघ के अध्यक्ष…
23 जून : 90 वां जन्म दिवस प्रसंग देश के पहले आधुनिक पर्यावरणविद और गांधी विचारक के रूप में ख्यात चंडीप्रसाद भट्ट आज अपने जीवन के 90 वें वर्ष के पायदान को छूने जा रहे है। जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव…
13 May ‘World Migratory Bird Day 2023’ प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता को विश्व भर के लोगों को समझाने और उन्हें जागरुक करने के लिए साल में दो बार मई और अक्टूबर के दूसरे शनिवार को…