बेलू जार्ज

किसानों की बेचैनी की वजहें

दिल्ली की सीमाओं पर करीब दो महीने से ठंड, बरसात और तरह-तरह की दुर्घटनाओं को झेलते बैठे किसानों ने एन ‘गणतंत्र दिवस’ पर टैक्टर रैली का आयोजन किया था, लेकिन कुछ विघ्न-संतोषी लोगों के चलते इसमें हिंसा, मारपीट और सम्पत्ति…

नई राजनीति रचता, ‘शाहीन-बाग’ का संघर्ष

पत्रकार अरविन्‍द मोहन के मुताबिक अभी कुछ महीनों पहले तक जिन महिलाओं को अज्ञात कुल-शील की ‘नॉन-एन्टिटी’ माना जाता था, ‘शाहीन बाग’ ने उन्‍हें हमारे लोकतंत्र की सर्वाधिक समझदार, संघर्षशील, मुखर संवैधानिक इकाई में तब्‍दील कर दिया है। किसी भी…

Social Media -निजता में सेंध लगाती कंपनियां और सरकारें

लेखक जार्ज ऑरवेल ने अपने उपन्यास ‘1984’ में समाज पर नजर रखने की जिस तकनीक का जिक्र किया है, आज उससे कई गुना शक्तिशाली, प्रभावी और व्यापक तकनीक की मार्फत सत्ता और सेठ हमारे आम जीवन पर नियंत्रण करने की…