दिल्ली में 31 अगस्त को गांधीवादी चिंतक और ग्रामीण प्रौद्योगिकी के पुरोधा देवेंद्र भाई गुप्ता की जन्मशताब्दी पर राष्‍ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पर्यावरणविद् चंडीप्रसाद भट्ट होंगे मुख्य वक्ता, देशभर के कई चिंतक करेंगे सहभागिता

नई दिल्ली,28 अगस्‍त। गांधीवादी चिंतक और ग्रामीण प्रौद्योगिकी को जीवन का ध्येय बनाने वाले देवेंद्र भाई गुप्ता की जन्मशताब्दी वर्ष पर 31 अगस्त 2025 को आईआईटी, दिल्ली में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर के शिक्षाविद, वैज्ञानिक, समाजसेवी और विद्यार्थी एकत्र होकर उनके विचारों और कार्यों पर विमर्श करेंगे। देवेन्द्र भाई जन्मशताब्दी समारोह के प्रमुख एवं सीडीआरआई, लखनऊ के पूर्व उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र मेहरोत्रा ने बताया कि यह राष्‍ट्रीय संगोष्ठी देवेंद्र भाई गुप्‍ता के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की उनकी परिकल्पना को आज के संदर्भों में समझने का अवसर होगी।

उन्‍होंने जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्‍ठी में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और पर्यावरणविद् तथा चिपको आंदोलन के प्रणेता पदूमविभूषण श्री चंडीप्रसाद भट्ट संगोष्‍ठी की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर देवेंद्र भाई गुप्‍ता के व्‍यक्तित्‍व–कृतित्‍व पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी होगा। इस मौके पर जैन मुनि डॉ. अभिजीत कुमार एवं मुनि जागृत कुमार, दिल्ली भी अपने आशीर्वचन देंगे।

संगोष्‍ठी का उद्घाटन सुबह 10 बजे होगा, स्वागत गीत के बाद आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी स्वागत उद्बोधन देंगे। मगन संग्रहालय वर्धा की निेदेशक डॉ. विभा गुप्ता, वरिष्‍ठ पत्रकार गार्गी परसाई और राजीव गुप्ता देवेंद्र भाई गुप्‍ता के जीवन और कार्यों से परिचित कराएंगे।

ग्रामीण प्रौद्योगिकी में देवेंद्र भाई का योगदान

ज्ञातव्‍य है कि देवेंद्र भाई गुप्ता (1925-2002) ने विज्ञान को ग्रामीण जीवन से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने युवाओं के बीच ‘यंग साइंटिस्ट्स मूवमेंट’ की शुरुआत की और वर्धा के मगन संग्रहालय सहित अनेक संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपयुक्त तकनीकों का विकास व प्रसार किया। उनके प्रयासों से सौर ऊर्जा, बायोगैस, कृषि आधारित प्रौद्योगिकी और ग्रामीण उद्योगों से जुड़ी कई पहलें आगे बढ़ीं। उनका मानना था कि विज्ञान का वास्तविक मूल्य तभी है जब वह गांवों की समस्याओं का समाधान करे, रोजगार बढ़ाए और सतत् विकास की राह दिखाए।

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दिनभर चलने वाली संगोष्‍ठी तीन सत्रों में होगी जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत् ग्रामीण विकास, ग्रामीण प्रौद्योगिकी में नवाचार, युवाओं की भूमिका तथा शैक्षणिक व वैज्ञानिक संस्थानों के योगदान जैसे महत्‍वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। शुभारंभ सत्र में डॉ. नरेंद्र मेहरोत्रा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवा वैज्ञानिक आंदोलन में देवेन्द्र भाई की भूमिका पर विचार रखेंगे। इसके बाद CRDT, IIT, Delhi प्रो. वी.के. विजय ‘उन्नत भारत अभियान के माध्यम से ग्रामीण प्रौद्योगिकी के देवेन्द्र भाई के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने पर वक्तव्य देंगे।

दूसरे सत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं समग्र सतत विकास विषय पर चर्चा होगी। इसके सूत्रधार सोपान जोशी और श्री प्रभाकर पुसदकर, वर्धा होंगे। इस सत्र की  प्रतिवेदक डॉ. पूजा घोष, आईआईटी दिल्ली होंगी। इस सत्र में एम्एसएम्ई में अन्वेषण का महत्त्व विषय पर डॉ. दिलीप पेशवे, एनआईआईटी, नागपुर, गांधीग्राम ग्रामीण विश्वविद्यालय में समग्र ग्रामीण विकास हेतु देवेन्द्र भाई की भूमिका पर गांधीग्राम ग्रामीण विश्वविद्यालय, मदुरै के विभागाध्यक्ष गाँधी विचार, डॉ. आर मणि, समग्र एवं सतत ग्रामीण विकास में शैक्षणिक तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों की भूमिका पर श्री योगेश एंडले, नोएडा, व्हील्स, (यूएसए) के अलावा गांधी, कुमारप्पा और देवेन्द्र भाई के दृष्टिकोण और वर्तमान में ग्रामीण अर्थव्यवस्था विषय पर सीएसवी, वर्धा के अध्यक्ष श्री अजय कुमार अपने विचार साझा करेंगे। इस सत्र की अध्‍यक्षता प्रो. शिरीष केदारे, निदेशक, आईआईटी, मुंबई करेंगे।

राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी के अपराह्न सत्र में समग्र ग्रामीण विकास, युवा और वर्तमान संभावनाएँ विषय पर चर्चाएं होंगी। इसमें समग्र ग्रामीण विकास हेतु टिकाऊ प्रौद्योगिकियाँ पर आईआईटी, दिल्ली के विभागाध्यक्ष आरडीएटी डॉ. विवेक कुमार, समग्र ग्रामीण विकास में शैक्षणिक तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों की भूमिका पर उन्नत भारत अभियान, गांधीग्राम ग्रामीण विश्वविद्यालय, मदुरै के  विभागाध्यक्ष एवं प्रभारी डॉ. के. रविचंद्रन, ग्रामीण विकास हेतु प्रौद्योगिकी विकास में अन्वेषण का महत्त्व पर आईआईटी दिल्ली के प्रो. विजय एम् चारिअर चर्चा करेंगे। इस सत्र में विशेष अतिथि के रूप में झारखंड के श्री कृपा प्रसाद सिंह शामिल होंगे। इस सत्र की अध्‍यक्षता श्री राम बहादुर राय, अध्यक्ष, आईजीएनसीए, दिल्ली करेंगे।

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शाम के सत्र में विज्ञान एवं प्रौघेगिकी संस्थाओं में ग्रामीण विकास हेतु युवाओं की भूमिका पर चर्चा होगी  जिसमें श्री भारत डोगरा, श्री प्रभाकर पुसदकर अपने विचार रखेंगे। सत्र का संयोजन भूतपूर्व कुलपति माँ वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, जम्मू के डॉ. रमेश बामेजई और सर्वोदय प्रेस सर्विस (सप्रेस), इंदौर के श्री कुमार सिद्धार्थ प्रतिवेदक का जिम्‍मा संभालेंगे।

संगोष्‍ठर के समापन सत्र में समग्र ग्रामीण विकास हेतु ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ के अनुभव पर मिशन समृद्धि, चेन्नई के सीईओ श्री राम पप्पू राव, विशेष अतिथि के रूप में संबोधन बिहार के सांसद श्री सुधाकर सिंह, देंगे। समापन संबोधन श्री लक्ष्मी दास, दिल्ली- पूर्व अध्यक्ष, खादी ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार देंगे, इस मौके पर विशेष अतिथि के रूप में समृद्ध भारत अभियान, भरतपुर के श्री सीताराम गुप्ता भी अध्यक्षीय उद्बोधन देंगे।  

डॉ. मेहरोत्रा ने बताया कि इस संगोष्ठी के माध्यम से न केवल देवेंद्र भाई के योगदान को याद किया जाएगा, बल्कि यह भी विचार किया जाएगा कि आज की परिस्थितियों में उनके विचारों और प्रयोगों को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यक्रम से निकले निष्कर्ष ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता और टिकाऊ विकास के लिए नई दिशा देंगे।

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