स्थायी स्तम्भ

GST बनाम गब्‍बरसिंह टैक्‍स : हमारा पैसा हमारा हिसाब

GST बनाम गब्‍बरसिंह टैक्‍स : हमारा पैसा हमारा हिसाब
जीएसटी की शुरुआत टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और डबल टैक्स से बचने के लिए की गयी थी। लेकिन अब हर रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीज पर टैक्स देना पड़ रहा है। इसमें सबसे नया है- आटा, चावल और दूध- दही पर 5% टैक्स। दूसरी तरफ लग्जरी वस्तुओं पर 5 प्रतिशत छूट दी जा रही है! क्यूँ जीएसटी सभी के लिए जी का जंजाल बन गया है। इन्ही सवालों के संदर्भ में पेश है सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी टीम व्‍दारा तैयार ‘हमारा पैसा हमारा हिसाब‘ का नया एपिसोड।
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लेखक का परिचय

कविता कबीर

कविता कबीर ‘सेंटर फॉर फाइनेन्शियल अकॉउन्टेबिलिटी’ (सीएफए) से जुडी है । उन्‍हें ‘स्मितु कोठारी फैलोशिप’ प्रदान की गई है।

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