सुन्दरलाल बहुगुणाजी के फेफड़ों में संक्रमण, आक्‍सीजन सपोर्ट जारी है

ऋषिकेश के एम्स में भर्ती पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा का स्‍वास्‍थ्‍य गंभीर बना हुआ है। कोविड आईसीयू वार्ड में भर्ती पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणाजी के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है। एनआरबीएम मास्क के माध्यम से उन्हें 8 लीटर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है व संस्थान के चिकित्सकों की टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी व उपचार में जुटी हुई है। 

एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने सुन्दरलाल बहुगुणाजी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जांच में उनके फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है। उनका इको और एचआरसीटी टेस्ट भी किया गया। उनका लंबे समय से घर में बिस्तर पर ही इलाज चल रहा था, ऐसे में उनके शरीर में बेड सोल उभर गये हैं।

चिकित्सकों के अनुसार बहरहाल उन्हें एनआरबीएम मास्क द्वारा 8 लीटर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। बुधवार को उनका आक्‍सीजन सेचुरेशन लेबल 95 प्रतिशत पाया गया। उन्होंने बताया कि कोविड आईसीयू वार्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की निगरानी में उनका गहन उपचार जारी है।

श्री सुंदरलाल बहुगुणा की पत्‍नी विमला बहुगुणा को भी मंगलवार को एम्‍स में भर्ती किया गया है। आज दोपहर में विमलाजी से सप्रेस प्रतिनिधि की दूरभाष पर बात हुई है तथा उनसे श्री बहुगुणाजी के स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी प्राप्‍त की। वे भी कोविड वार्ड में भर्ती है। श्रीमती बहुगुणा का स्‍वास्‍थ सुधार पर है।   

पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा को बीते आठ मई को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया था। उन्हें बीते 15 दिनों से बुखार और खांसी की शिकायत थी। एम्स में कोविड जांच में वे पॉजिटिव मिले थे । सुंदरलाल बहुगुणा हृदय रोग, डायबिटीज और हाईपरटेंशन के रोगी भी हैं। करीब 20 साल पहले उनके हार्ट में दो स्टंट लग चुके हैं। तभी से वे दवाएं ले रहे हैं।

See also  International Yoga Day 2022 : खूब बिकने वाला सामान भी है ‘योगा’

Table of Contents

सागर से अंतरिक्ष तक : रक्षा विमर्श को नई दिशा देती शोधपरक कृति

भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा से जुड़ा रक्षा विमर्श केवल सैन्य शक्ति का वर्णन नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामरिक चेतना का दर्पण होता है। ऐसे समय में वरिष्ठ पत्रकार योगेश कुमार गोयल की पुस्तक ‘सागर से अंतरिक्ष तक:

Read More »

अपने जैसा ‘एआई’

‘आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस’ उर्फ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के कसीदे बांचते हुए हम अक्सर इस मामूली सी बात को भूल जाते हैं कि ‘एआई’ आखिरकार एक व्यक्ति और समाज की तरह हमारा ही प्रतिरूप है। यानि हम उस मशीन में जैसा और जितना

Read More »

मध्यप्रदेश का बजट : ग्रीन फ्रेमवर्क का दावा, जलवायु संकट की अनदेखी

हाल के मध्यप्रदेश के बजट में तरह-तरह की लोक-लुभावन घोषणाओं के बावजूद पर्यावरण-प्रदूषण से निपटने की कोई तजबीज जाहिर नहीं हुई है। यहां तक कि पर्यावरण के लिए आवंटित राशि भी पिछले साल के मुकाबले घटा दी गई है। आखिर

Read More »