Year: 2025

कौसानी में गांधीवादी विचारकों और युवाओं का राष्ट्रीय शिविर 7 जून से

कौसानी, 6 जून। महात्मा गांधी की ऐतिहासिक तपोभूमि अनासक्ति आश्रम, कौसानी में शनिवार, 7 जून से देशभर के प्रमुख गांधीवादी विचारकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं का तीन दिवसीय चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ हो रहा है। गौरतलब है कि यह…

संकट में पहाड़, मनुष्य और पर्यावरण

गांधी विचार को मानने वालों में बेहद वरिष्ठ और सम्मानित राधा बहन अपनी देशभर की अनेक जिम्मेदारियों के अलावा बरसों से हिमालय में रहकर उसकी बर्बादी भी देख रही हैं। वे बस भर उन योजनाओं पर उंगली उठाती रहती हैं…

वरिष्‍ठ पत्रकार, लेखक हृदयेश जोशी ने कहा– लोगों को बचाए बिना नहीं बच सकता पर्यावरण

विश्व पर्यावरण दिवस पर स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के संवाद कार्यक्रम में व्याख्‍यान इंदौर, 5 जून। “अगर आप पर्यावरण को बचाना चाहते हैं, तो सबसे पहले लोगों को बचाना होगा। जन बचेगा तो जंगल बचेगा और जंगल बचेगा तो वन्य…

सस्टेनेबिलिटी की राह : स्वयं से शुरुआत, विश्व के लिए कल्याण

जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट में विश्व पर्यावरण दिवस समारोह इंदौर 5 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, इंदौर में पर्यावरण संवाद सप्‍ताह के अंतिम दिन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस…

जीएम और जीनोम संपादन : किसानों के लिए वरदान या कॉरपोरेट का जाल? 

भारत में टिकाऊ खेती और खाद्य सुरक्षा की तलाश ने जेनेटिकली मॉडिफाइड और जीनोम संपादित बीजों को चर्चा में ला दिया है। सरकार इन्हें क्रांतिकारी बताती है, लेकिन बीटी कपास और जीएम सरसों जैसी पिछली असफलताएँ चेतावनी देती हैं। सवाल…

प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण के लिए खतरा, प्रभावी प्रतिबंध जरूरी

विश्व पर्यावरण दिवस केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि धरती की रक्षा के प्रति हमारी सामूहिक जवाबदेही का अवसर है। इस वर्ष का विषय ‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’ हमें चेताता है कि यदि अब भी नहीं चेते, तो यह संकट…

नदी जोड़ से बेहतर है, नदी-तालाब जोड़

ठेकेदारों-इंजीनियरों-राजनेताओं का गठजोड जब ‘विकास’ की मशक्कत में लग जाता है तो नदी-जोड जैसी परियोजनाएं जन्म लेती हैं। कमाल यह है कि समाज की परखी-पहचानी स्थानीय पद्धतियां जल्दी, सस्ता और नियंत्रित पानी उपलब्ध करवा सकती हैं, लेकिन पूंजी के लिए…

नर्मदा घाटी के संघर्षशील योद्धा लुवारिया भाई नहीं रहे

नर्मदा किनारे का ‘सत्याघर’ अब सूना है : नर्मदा बचाओ आंदोलन के साथियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अलीराजपुर, 3 जून। नर्मदा बचाओ आंदोलन के एक अहम स्तंभ और मध्यप्रदेश के पहले डूब प्रभावित गाँव जलसिंधी (अलीराजपुर) के प्रमुख कार्यकर्ता…

साइकिल : तकनीक के युग में शून्य उत्सर्जन की वापसी

एक ज़माना था जब साइकिल केवल गरीबों या मध्यमवर्गीय परिवारों की सवारी मानी जाती थी, लेकिन समय के साथ इसकी पहचान पूरी तरह बदल गई। आज यह न सिर्फ एक स्वस्थ जीवनशैली का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा…

प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करना जागरूकता और समाधान की दिशा में प्रेरक प्रयास – इंदौर संभागायुक्त  दीपक सिंह

जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा आयोजित पर्यावरण संवाद सप्ताह इंदौर, 2 जून । जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा आयोजित पर्यावरण संवाद सप्ताह के तीसरे दिन “आओ मिलकर स्वच्छ जल के लिए प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करें” विषय…