11 सितंबर को आचार्य विनोबा भावे की 130वीं जयंती पर हम उस महापुरुष को स्मरण करते हैं, जिसने सत्य, अहिंसा और सेवा को जीवन का मूलमंत्र बनाया। “जय जगत” का उनका संदेश विश्वबंधुत्व, न्याय और समता पर आधारित था। भूदान…
विनोबा भावे की जयंती हमें याद दिलाती है कि सत्ता की राजनीति से ऊपर उठकर सेवा ही जीवन का सच्चा उद्देश्य है। उनका विचार था कि गांव का भला गांव के लोगों के हाथ में है, न कि केवल सरकार…