फरवरी से बौद्ध समाज भगवान बुद्ध के निर्वाण-स्थल बोधगया के महाबोधि मंदिर के सामने धरने पर बैठे हैं। वजह है – प्रबंधन में ब्राम्हणवादी तौर-तरीकों का बढ़ता दबाव। इतिहास बताता है कि अपने समय में साक्षात गौतम बुद्ध और बाद…
सुरेश उपाध्याय लौटा मन अतीत की ओर’ डा. भोलेश्वर दुबे का वन अलाइन पब्लिकेशन, दिल्ली से प्रकाशित अपनी जन्मस्थली ‘सीतामऊ’ की स्मृतियों पर आधारित आलेख संकलन है। सत्तर के दशक की स्मृतियों को डा. दुबे ने 13 खंडों के माध्यम…