भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर संसद में जो दृश्य सामने आए, वे डॉ. भीमराव अंबेडकर की आत्मा को व्यथित कर सकते हैं। संविधान निर्माता को हथियार बनाकर की जा रही राजनीति न केवल लोकतंत्र की मूल आत्मा के विपरीत…
अगर आज पेड़ काट दिए गए, तो कल हमारी साँसे भी कट जाएँगी इंदौर, 13 अप्रैल। इंदौर की पहचान सिर्फ उसकी सफाई या विकास योजनाओं से नहीं, बल्कि उसकी हरियाली और जागरूक नागरिकों से भी है। हाल ही में हुकुमचंद…
कृषि प्रधान भारत में बैसाखी न केवल फसल कटाई का उल्लास है, बल्कि सिख नववर्ष, सामाजिक चेतना और ऐतिहासिक संघर्षों की गूंज भी है। पंजाब की धरती पर गूंजते ढोल-नगाड़ों और गिद्दा-भांगड़ा की थाप के साथ यह पर्व जहां समृद्धि…
डॉ. भीमराव अम्बेडकर केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो समानता, न्याय और मानव गरिमा की अलख जगाते हैं। 14 अप्रैल 1891 को जन्मे अम्बेडकर ने जीवनभर जातिगत भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष किया और संविधान निर्माता बनकर भारत…