तरह-तरह की आधुनिकताओं, विकास और बराबरी के बावजूद आज भी आठ मार्च का ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ प्रासंगिक बना हुआ है और यह साल-दर-साल महिलाओं की हालातों को बयान करता है। आबादी की आधी से अधिक महिलाएं घर, परिवार और बच्चों के…
यह शर्मनाक है कि आजादी की तीन चौथाई सदी गुजर जाने के बाद भी हमारी आधी आबादी को साफ-सुथरे शौचालय तक नसीब नहीं हैं। यह बदहाली सार्वजनिक स्थलों पर इतनी तकलीफदेह हो जाती है कि मुम्बई के एक एनजीओ को…
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ (8 मार्च) वैसे तो बेहतर स्वास्थ्य समूचे समाज की बुनियादी जरूरत है, लेकिन महिलाओं के लिए इसकी खासी अहमियत है। अव्वल तो वे अपने भीतर जीवन रचती हैं, नतीजे में उनकी शारीरिक बनावट बेहद पेचीदी रहती है। दूसरे, हमारे…
‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ (8 मार्च) पर विशेष बरसों-बरस अपनी मां, बहन, बेटी, बीबी से ‘कुछ नहीं करती हूं’ सुनते और फिर इसी ‘कुछ नहीं’ की बदौलत जिन्दा रहते हम सब क्या इस आधी आबादी को मान देने का कोई तरीका…