राजेन्द्र जोशी दुनियाभर में हमारा देश अकेला है जहां नदियों की भक्ति को अहमियत दी जाती है। चार फरवरी को ‘नर्मदा जयन्ती’ है जिसमें हम हर साल की तरह फिर नर्मदा को भक्तिभाव से याद करेंगे, लेकिन क्या इस कर्मकांड…
चिंतन सम्मेलन में देश भर से जुटे दो सौ से ज्यादा चिंतक और सामाजिक कार्यकर्ता देश के आम लोगों को अब जगाने की ज्यादा जरूरत है क्योंकि सभी प्राकृतिक संसाधनों पर पूंजीपतियों का कब्जा हो रहा है। सरकारें तमाशबीन बनी…
दुनिया भर के जीवन पर मंडराते जलवायु परिवर्तन और परमाणु हथियारों के खतरों से कैसे निपटा जा सकता है? क्या इसके लिए ‘विश्व-सरकार’ का गठन कारगर हो सकता है? कैसी हो सकती है, ऐसी सरकार? इसी की पड़ताल करता भारत…