पेड़ों का अस्तित्व धरती पर लगभग 40 करोड़ वर्षों से है। तब से पेड़ कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर चुके हैं। चाहे वह उल्का की टक्कर हो या शीत युग, पेड़ धरती पर टिके रहे। लेकिन अब उन्हें खतरा…
लोकशक्ति को जागरूक कर ही बचाया जा सकता है पर्यावरण : सम्मानित हस्तियों का वक्तव्य रांची, 30 सितंबर। देश को खुशहाल बनाने के लिए न सिर्फ प्राकृतिक पर्यावरण संरक्षण करना होगा बल्कि सामाजिक और राजनीतिक प्रदूषण से भी मुक्ति के…
पुणे के एक अस्पताल के जिस वार्ड में गांधी जी का ऑपरेशन हुआ था उसे राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है। बहुत कम लोगों को मालूम है कि गांधी का कभी किसी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ।…
सेवा सुरभि द्वारा गांधी जयंती की पूर्व बेला में गांधीवादी चिंतक कुमार प्रशांत का व्याख्यान इंदौर, 29 सितम्बर। जहां कहीं हिंसा, अन्याय, अत्याचार एवं शोषण होता है, वहां लोग गांधी की तस्वीर लेकर विरोध करते हैं, क्योंकि गांधी ने हमेशा…
सर्व सेवा संघ परिसर जमींदोज मामला : न्याय के दीप जलाएं सत्याग्रह का 14वां दिन वाराणसी, 24 सितंबर। सर्व सेवा संघ परिसर के जमींदोज के मामले में एक वर्ष पूर्ण होने पर सर्व सेवा संघ के परिसर में न्याय के…
रोजमर्रा के भोजन में आमतौर पर कम हैसियत रखने वाली बाजार-हितैषी सोयाबीन के किसानों पर आजकल भारी संकट तारी है। लागत, मेहनत और परिवहन-भंडारण की उन्हें इतनी कम कीमत मिल रही है कि वे दूसरी कतिपय फसलों की तरह सोयाबीन…
करीब साढ़े पांच दशक पहले महाविद्यालयीन युवाओं में समाज के प्रति सरोकार बढ़ाने की खातिर, 1948 में गठित ‘राष्ट्रीय कैडेट कोर’ (एनसीसी) के समकक्ष ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ (एनएसएस) का गठन किया गया था। प्रस्तुत है, ‘एनएसएस’ की 55 वीं वर्षगांठ…
सौ दिनी सत्याग्रह का ग्यारह वें दिन में प्रवेश वाराणसी, 21 सितंबर। सर्व सेवा संघ के परिसर के ध्वस्तीकरण के एक वर्ष पूर्ण होने पर चल रहा 100 दिनी सत्याग्रह आज अपने 11 वें दिन में प्रवेश कर गया। सत्याग्रह…
दबावों के बावजूद यूरोपियन यूनियन (ईयू) के 27 देशों समेत कई देशों में प्रतिबंधित ‘जीनेटिकली मॉडीफाइड’ फसलों को दुनियाभर में पैदावार बढ़ाने के तर्क की बुनियाद पर फैलाया जा रहा है, हालांकि सब जानते हैं कि इसके पीछे अमरीकी बहुराष्ट्रीय…
आज की दुनिया में मनुष्य का जीवन अपनी ही बनाई असाधारण मानसिक तनाव की सुनामी से हमेशा अशांत रहने लगा है। अकारण अनियंत्रित गुस्सा आत्मघाती ही सिद्ध होता है। प्राचीन काल से मनुष्य समाज के मन, चिंतन और जीवन क्रम…