इस महीने की शुरुआत में इजराइल और फिलिस्तीन के उग्रवादी समूह ‘हमास’ के बीच एक बार फिर भडके ग्यारह दिन के युद्ध में हालांकि फिलहाल ‘युद्ध-विराम’ हो गया है, लेकिन क्या यह ‘युद्ध-विराम’ कभी स्थायी हो सकेगा? क्या पश्चिम के…
बीते एक साल में सात राज्यों में थर्मल पावर प्लांट्स में कोल फ्लाई ऐश से जुड़ी 17 प्रमुख दुर्घटनाएं की गयीं दर्ज एक ताज़ा रिपोर्ट से ख़ुलासा हुआ है कि अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच देश के 7…
स्मृति लेख पिछले दिनों हम सबसे सदा के लिए विदा हुए श्री सुन्दरलाल बहुगुणा को श्रद्धांजलि-स्वरूप लेख। पहली बार मेरी मुलाकात उनसे वर्ष 1979 में हुई। उस समय युवा समूह के रूप में पर्यावरण के मुद्दों पर हमारी यात्रा की…
पर्यावरण संरक्षण को लेकर लंबे समय से कार्य कर रहे पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणाजी के जन्मदिन पर उनके नाम से पांच हेक्टेयर क्षेत्र में ‘सुंदर वन’ की स्थापना की थीं, जो अब घने जंगल में…
स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी एचएस डोरेस्वामी का 104 साल की उम्र में निधन। हाल में ही कोरोना को दी थी मात। डोरेस्वामी कभी किसी राजनीतिक पद पर नहीं रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपना जीवन लोगों की सेवा में लगा दिया।…
कहा जा रहा है कि मरने वालों के आँकड़े जैसे-जैसे बढ़ रहे हैं, नदियों के तटों पर बिखरी हुई लाशों के बड़े-बड़े चित्र दुनिया भर में प्रसारित हो रहे हैं, प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का ग्राफ भी उतनी ही तेज़ी से…
नीदरलैंड की एक अदालत ने 26 मई को एक ऐतिहासिक फैसले में ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रॉयल डच शेल को 2030 तक 2019 के स्तर की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में शुद्ध रूप से 45 प्रतिशत कमी लाने का…
देश के नौ राज्यों में तूफ़ान तौकते के कहर का सामना करने के सिर्फ़ एक हफ्ते बाद, देश अब बंगाल की खाड़ी में अपने दूसरे चक्रवाती तूफान ‘यास’ के लिए कमर कस रहा है। तौकते की यात्रा की तरह, उष्णकटिबंधीय…
वन्य प्राणी आधुनिक, ‘वैज्ञानिक वानिकी’ में पारंगत हमारे वन विभागों के मंहगे अमले के बावजूद वन और उसमें बसे वन्यप्राणी बच नहीं पा रहे हैं। इस मौजूदा तौर-तरीके में पीढियों से वनों और वन्यप्राणियों के साथ सहजीवन जीते आदिवासियों को…
दुनियाभर को चिपको आंदोलन के जरिये पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देने वाले हिमालय रक्षक कहे जाने वाले सुंदरलाल बहुगुणा हाल ही में दुनिया से बिदा हो गए। महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात करके बहुगुणाजी ने प्रकृति, पेड़, पहाड़…