जलवायु परिवर्तन का प्रभाव; दक्षिण पश्चिमी मानसून पर पड़ता असर
जलवायु परिवर्तन का मौसम की बदलती तर्ज से गहरा नाता है और यह ताकतवर चक्रवाती तूफानों तथा बारिश के परिवर्तित होते कालचक्र से साफ जाहिर भी होता है। इसका विनाशकारी रूप अब दक्षिण पश्चिमी मानसून पर भी असर डालता दिख…
पर्यावरण : एक वास्तविक परिकल्पना है – ‘गाया’
अपने जीने के लिए जरूरी पर्यावरण के साथ हम एक व्यक्ति, समाज और सत्ता की तरह जैसा क्रूर, आत्महंता व्यवहार कर रहे हैं, वह एक सीमा के बाद हमें खुद ही भोगना पडेगा। विकास के झांसे में की जा रही…
कोरोना की संभावित तीसरी लहर
कोरोना वायरस से उपजी कोविड-19 बीमारी के अब तीसरे दौर की बातें होने लगी हैं, लेकिन पहले और दूसरे की तरह इस तीसरे दौर के लिए भी तैयारी नहीं दिखती। यदि कोविड-19 के तीसरे दौर को रोकना हो तो क्या…
हीरा नहीं, जंगल है सदा के लिए
मध्यम वर्ग ने एक जीवन मंत्र अपना लिया है। खूब कमाओं और खूब खर्च करो। खर्च करने के लिए सोने के बाद अब हीरे का लालच है। और हीरा मिला है बक्सवाहा के जंगलों में। लेकिन इसके लिए लाखों पेड़…
सोशल मीडिया – कल हो, न भी हो ?
भारत में जिस तरह का सरकार-नियंत्रित ‘नव-बाज़ारवाद’ आकार ले रहा है उसमें यह नामुमकिन नहीं कि सूचना के प्रसारण और उसकी प्राप्ति के सूत्र बाज़ार और सत्ता के संयुक्त नियंत्रण (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) में चले जाएँ और आम जनता को उसका…
लाल बहादुर वर्मा: ‘जन साहित्य और जन इतिहास का सबसे बड़ा बाबू’ और ‘मास्टर’
वे तरह तरह के खनिजों से बने व्यक्ति थे. अपने होने की कुछ मिश्र धातुयें उन्होंने खुद बनाई थीं. जैसे प्रकृति प्रेम, पर्यावरण बेचैनी, उपभोग की अति की निरर्थकता उन्हें ‘मठी मार्क्सवादियों’ से अलग करती है. इसलिये उनकी मुख्य रुचि…
आर्कटिक पूरे विश्व की तुलना में हो रहा है तीन गुना तेज़ी से गर्म
वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल आर्गेनाइजेशन (डब्लूएम्ओ) और यूनाइटेड किंगडम मेट (मौसम) कार्यालय की सालाना जारी की गई ‘टू ग्लोबल क्लाइमेट अपडेट’ नाम की रिपोर्ट खुलासा करती है कि 2021-2025 के दौरान अटलांटिक में हाल के पिछले दिनों की तुलना में अधिक उष्णकटिबंधीय…
जरूरी है, तम्बाकू के अवैध व्यापार पर नकेल
दुनियाभर में तम्बाकू और उससे बने विभिन्न उत्पादों का उपभोग एक मानव निर्मित त्रासदी पैदा कर रहे हैं। इसमें तम्बाकू का अवैध व्यापार बढौतरी करता है। कोविड-19 महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन ने तम्बाकू के वैध व्यापार पर तो…
Opinion : खेल के साथ खेल करने का अपराध
सुशील कुमार ने अपनी सफलता को मनमानी का लाइसेंस समझ लिया। खेल के सारे व्यापारियों ने उसकी इस समझ को सुलझाया नहीं, भटकाया-बढ़ाया। अब हम देख रहे हैं कि सुशील कुमार पर हत्या का ही आरोप नहीं है बल्कि असामाजिक-अपराधियों…
कानून की कमी से बच रहे, ‘प्राणवायु’ के जमाखोर
बुनियादी बातों की अनदेखी का एक और कारनामा हाल में कोविड-19 की चपेट में आए मरीजों और उनके तीमारदारों ने भोगा है। ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य बेहद जरूरी दवाओं की कालाबाजारी के चलते ये चीजें जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच…









