बसनिया बांध को निरस्त करने हेतु विधायक मर्सकोले ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र नर्मदा नदी पर बनने वाले छोटे बडे बांधों की श्रृखंला में मंडला के बसनिया बांध को पूर्व में निरस्त कर दिया गया था। लेकिन हाल ही में…
सार्वजनिक सम्पत्ति के निजीकरण की हुलफुलाहट में इन दिनों ठेका-प्रथा जारी है। हवाई-अड्डों, रेलवे-स्टेशनों, सडकों, कारखानों आदि को फिलहाल ठेके पर निजी कंपनियों को सौंपने के पीछे की नीयत आखिर निजीकरण नहीं तो और क्या है? ‘सरकार का काम व्यापार-व्यवसाय…
भोपाल। 22 सितम्बर एकता परिषद और सर्वोदय समाज द्वारा 12 दिवसीय पदयात्रा “न्याय और शान्ति पदयात्रा – 2021”, 21 सितम्बर, अन्तराष्ट्रीय शान्ति दिवस के मौके पर शुरू की गई है। यह पदयात्रा देश के 105 जिलों के साथ-साथ विश्व के…
कलाएं हमारे जीवन को जिस शिद्दत से प्रभावित करती हैं, उसी तरह से हमारा जीवन भी कलाओं को प्रभावित करता है। कला और जीवन की आपसी द्वंद्वात्मकता पर टिकी इस समझ को बिरले ही जान पाते हैं। आंध्रप्रदेश के ‘गुरुजी’…
सेवाग्राम, वर्धा। गांधी आश्रम परिसर, सेवाग्राम के यात्री निवास में देश के 16 राज्यों के 160 युवक-युवती इकट्ठा हुए हैं। सर्व सेवा संघ के युवा सेल द्वारा 20 से 24 सितंबर 2021 तक आयोजित इस तालीम- शिविर में शामिल सहभागी…
दिल्ली। एकता परिषद और सर्वोदय समाज द्वारा निकाली जा रही 12 दिवसीय पदयात्रा “न्याय और शान्ति पदयात्रा – 2021” का आज आगाज हो गया है। इस अनूठी वैश्विक पदयात्रा का शुभारंभ गाँधीवादी राजगोपाल पी.व्ही. ने बिहार की राजधानी पटना से…
पूर्व आईएएस और मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर के घर और कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय के छापे को लेकर कई एक्टिविस्टों, बुद्धिजीवियों समेत अनेक नेताओं ने आलोचना की है। देश के 29 एक्टिविस्टों और बुद्धिजीवियों के समूह ने साझा बयान जारी…
सिंधु ताई ने अपना जीवन अनाथ बच्चों और बेसहारा महिलाओं के लिए समर्पित कर दिया है। आज सैकड़ों अनाथ बच्चों वाले उनके परिवार में 250 दामाद हैं और 50 बहुएं हैं। एक हजार से ज्यादा पोते और पोतियां हैं। 350…
कोरोना वायरस से उपजी कोविड-19 बीमारी अब धीरे-धीरे कम होते हुए समाप्ति के संकेत देने लगी है। जाहिर है, ऐसे में हमें अपने बच्चों के स्कूल फिर से शुरु करना होंगे। लंबे समय बाद स्कूलों, खासकर उच्च और उच्च-माध्यमिक स्तर…
14 सितंबर : हिंदी दिवस पर विशेष हिन्दी एक भाषा ही नहीं, भरी-पूरी संस्कृति है और इसलिए उसे सीखना केवल भाषा-ज्ञान भर नहीं है। बदलाव की अनिवार्यता के चलते जब रहन-सहन, खान-पान, रीति-रिवाज आदि सभी बदलते जा रहे हैं तो…