Month: August 2021

जी20 देशों की 73 फ़ीसद जनता मानती है पृथ्वी महाविनाश के मुहाने पर

“दुनिया के सबसे धनी देशों के रहने वाले अधिसंख्‍य लोग भी ठीक वहीं बात महसूस करते हैं,जो हम कर रहे हैं। वे धरती की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और इसे बचाना चाहते हैं।मुझे लगता है कि इससे दुनिया भर…

वैश्विक पर्यावरण : जलवायु परिवर्तन से बढ़ेंगे चक्रवात

विडंबना है कि मानव सभ्यता की समाप्ति का संकट खुद मानव-निर्मित हो गया है। मसलन – लगातार बढ़ते चक्रवात, वायुमंडल और समुद्र के बढ़ते तापक्रम की वजह से पैदा हो रहे हैं और तापक्रम बढ़ने की वजह रोजमर्रा की मानवीय…

नर्मदा बचाओ आंदोलन के 36 साल पूरे होने पर जन संसद का आयोजन

बडवानी । नर्मदा बचाओ आंदोलन के 36 वर्ष पूर्ण होने पर बडवानी में आज किसान मजदूर जन संसद का आयोजन किया गया। जिसमें मध्य प्रदेश ,गुजरात और महाराष्ट्र के हजारों किसानों ने शिरकत की। वहीं नर्मदा घाटी के गांव गांव…

संकट में सफाई कामगारों की सेहत

सभी के जानते-बूझते समाज का एक तबका मानवीय गंदगी को ढोने, साफ करने के ऐसे काम में आज भी लगा है जिसे किसी हालत में मानवीय नहीं कहा जा सकता, लेकिन सत्ता, समाज और सरकारें उसकी तरफ इस कदर मुंह…

देशवासियों के नमन पर नाम बदलने का ‘खेला’ !

शासकों को हक़ हासिल रहता है कि वे अपनी जनता के नाम, पते, और कामों को देश की ज़रूरत के मुताबिक़ बदल सकें। इतिहास में ऐसे उदाहरण भी तलाशे जा सकते हैं। इस समय तो देश में सब कुछ ही…

अधूरे सपनों की आजादी

74वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर विशेष देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्वाधीनता आंदोलन के नेताओं के सपनों और आकांक्षाओं का अत्यंत सारगर्भित वर्णन अपने प्रसिद्ध भाषण (ए ट्रिस्ट विथ डेस्टिनी) में किया था। उन्होंने कहा था ‘जिस…

बर्बादी के कगार पर हिमालय

संदर्भः हिमाचल में पहाड़ दरकने की घटना हिमाचल-प्रदेश के किन्नौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ भू-स्खलन इस बात का संकेत है कि आधुनिक विकास ने पूरे हिमालय क्षेत्र को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। इस हादसे में…

जंगल बचाने की चुनौती

हाल के दिनों में बुंदेलखंड के बक्सवाहा इलाके में हीरा-खनन की खातिर लाखों पेड़ों की बलि देने की प्रस्तावित परियोजना ने सभी का ध्यान खींचा है। हीरा बनाम प्राणवायु की इस बहस में देशभर के लोग हिस्सेदारी कर रहे हैं।…

मानवीय क्रियाकलापों से बढ़ी बाढ़ की तीव्रता और विध्वंसता

बाढ़ आना एक सामान्य प्राकृतिक आपदा है किन्तु प्रकृति के विरुद्ध किए जा रहे मानवीय क्रियाकलापों के कारण बाढ़ की तीव्रता, परिमाण और विध्वंसता अत्यधिक बढ़ गई है। यदि हम प्रकृति के साथ ताल मेल बैठाकर चले तो बाढ़ ही…

उत्तरप्रदेश जनसंख्या बिल : विसंगतियों का पुलिंदा है

दुनियाभर में मान लिया गया है कि आबादी पर नियंत्रण के लिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करते हुए बेहतर ढंग से जीने और रोजगार प्राप्त करने की खासी अहमियत है। लेकिन इसके बावजूद सरकारें जनसंख्या नियंत्रण की नीतियां और कानून…