शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए अरविन्द गुप्ता अपने तई प्रयासरत हैं। वे शिक्षक, इंजीनियर और वैज्ञानिक हैं। सबको पढ़वाने के लिए उनकी वेबसाइट लोकप्रिय है। वे बच्चों, शिक्षकों में उम्मीद जगाते हैं। उनमें उम्मीद के बीज बोते…
आचार्य विनोबा मानव के लिए सबसे खतरनाक चीज अगर कोई है तो वह है, उसकी जमीन से उखड़ना। जैसे हर एक पेड़ का मूल जमीन में होता है, वैसे ही हर एक मनुष्य का संबंध जमीन के साथ होना चाहिए।…
बारहनाजा शब्द आपको किसी शब्दकोश में ढूंढ़ने से नहीं मिलेगा। यह शब्द कृषि विज्ञानियों के मानस में भी नहीं है, किंतु पारंपरिक कृषि विज्ञान के पारखी उत्तराखंड के किसान इसे पीढ़ियों से जानते हैं और समझते हैं। बारहनाजा का शाब्दिक…
सिलिकोसिस एक लाईलाज बीमारी है और जब एक बार व्यक्ति का प्रमाणीकरण हो गया है कि वह सिलिकोसिस का ही मरीज है, तो फिर इसके क्या मायने हैं ? राज्य सरकार व्दारा अभी किये जा रहे सारे जतन केवल फटे…
बाजार प्रोत्साहन में अरुचि के परिणाम स्वरूप बीमारियों के अनुसंधान में भारी कमी और असमानता है, जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा समाज की उपेक्षित आबादी को ही उठाना पड़ता है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक और संयुक्त राष्ट्र…
महात्मा गांधी ने जब महामारी से लड़कर लोगों को बचाने का फैसला किया था तब वह अकेले ही थे लेकिन लोगों का उन पर विश्वास था। जिस व्यक्ति को कहा वही गांधी के साथ जुड़ गया। यहाँ तक कि वे…
बुखार और आपातकाल दोनों ही सूचना देकर नहीं आते। लक्षणों से ही समझना पड़ता है। वैसे भी अब किसी आपातकाल की औपचारिक घोषणा नहीं होने वाली है। सरकार भी अच्छे से जान गई है कि दुनिया के इस सबसे लम्बे…
आम लोगों के वोट की मार्फत सत्ता पर काबिज होने वाली सरकारें, अब हर तरह की लाज-शर्म को तिलांजलि देकर बेशर्मी से पूंजी और उद्योगों के हित में खडी हो गई हैं। मध्यप्रदेश में इसकी बानगी ऊर्जा या बिजली क्षेत्र…
कोरोना वायरस से अस्थायी मुक्ति वैसे तो वैक्सीन और औषधियों से उपचार दिलायेगा, लेकिन स्थायी मुक्ति प्रकृति ही दिला सकेगी। प्रकृति को प्यार व सम्मान करने वाली जीवन पद्धति को अपनाने के लिए तरुण भारत संघ ने ‘‘आओ, कोविड-19 को…
सर्व सेवा संघ की अपील सेवाग्राम : दुनिया में कहीं भी युद्ध हो हम उसके विरोधी हैं। सरकारों के निर्णयों के अनुसार सेनाओं को युद्ध में झोंक दिया जाता है। मंत्रीगण तो अपने कक्ष में बैठे रहते हैं, पर किसी मां का…