इस सवाल से कैसे मुक्त हुआ जा सकता है कि लाखों की संख्या वाले साधु-संत, उनके करोड़ों शिष्य और भक्तों के साथ वे अनगिनत कार्यकर्ता जो मंदिर-निर्माण के कार्य को अपने संकल्पों की प्रतिष्ठा मानते हुए इतने वर्षों से लगातार…
विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे (कु) ख्यात व्यापारियों की मार्फत डूबे बैंकों के हजारों करोड़ रुपयों ने ‘एनपीए’ यानि डूबत खाते को सार्वजनिक बहस-मुबाहिसों का मुद्दा बना है। देश की अर्थव्यवस्था के साथ हुए इस खुले खेल ने बैंकों…