Month: July 2020

लोकतंत्र में लौटते मजदूर

जिस लोकतंत्र की कसमें खाकर हम अपने तमाम अच्‍छे-बुरे, निजी-सार्वजनिक काम निकालते रहते हैं और किसी दूसरी राजनीतिक जमात के सत्‍ता पर सवारी गांठने से जिस लोकतंत्र की हत्‍या होना मान लिया जाता है, ठीक उसी लोकतंत्र की एन नाक…

250 किसान संगठनों ने किये जा रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन तथा कोयला श्रमिकों की 2 से 4 जुलाई की हड़ताल का किया समर्थन

किसानों सम्बन्धी तीनों अध्यादेश ‘‘किसानों की लूट कारपोरेट को छूट’’ प्रदान करने वाला किसानों के खिलाफ लाए गए तीनों अध्यादेश ‘‘किसानों की लूट कारपोरेट को छूट’’ प्रदान करने वाली नीति है। कृषि उपज, व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन व सुविधा अध्यादेश…

सिर्फ़ पचास करोड़ लोगों को ही मुफ़्त का अनाज नहीं चाहिए !

क्या पेट की भूख का थोड़ा बहुत सम्बंध इस बात से नहीं होता होगा कि लोग उसी अनुशासन की अब सविनय अवज्ञा कर रहे हैं जो उनपर बिना पर्याप्त सरकारी तैयारी किए और उन्हें भी करने का मौक़ा दिए बग़ैर…

आपके पास जो है, वह औरों से अच्छा है, अधिक पाने की इच्छा नहीं रखनी चाहिए

किशन पटनायक के किस्से  पत्नी वाणी की जुबानी  डॉ.  सुनीलम  किशन पटनायक भारत के प्रमुख समाजवादी चिन्तक और कर्मी रहे हैं। भारतीय राजनीति में जनांदोलनों की बढ़ती भूमिका को उन्होंने बहुत पहले पहचाना, समझा, उनसे एक रिश्ता बनाया और उन्हें…