कोरोना वायरस से उपजी बीमारी ‘कोविड-19’ से निपटने के लिए सरकार ने ‘आरोग्य सेतु’ नामक ‘एप’ को ‘डाउनलोड’ करना अनिवार्य कर दिया है। इस ‘एप’ की मार्फत सरकार चाहे तो किसी की भी नितांत निजी जिन्दगी में झांक सकती है,…
पिछले दिनों मध्यप्रदेश के एक गांव में खुल्लमखुल्ला पुलिस हिंसा की जो खबरें आई हैं उसने दलितों की बदहाली, पुलिस सुधार, जमीनों की नाप-जोख में वन और राजस्व विभागों की लापरवाही, वनाधिकार कानून जैसे कई सवालों को खडा कर दिया…
कोरोना संकट के एन बीचम-बीच सरकार ने जून 2020 में किसानों से जुडे तीन अध्यादेश जारी किए हैं। इनमें मंडी, ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य,’ ‘संविदा खेती’ जैसे किसानी मुद्दों का जिक्र करते हुए मौजूदा कृषि-व्यवस्था को कॉर्पोरेट खेती के हित में…
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस (29 जुलाई) पर ‘बाघ’ के बहाने शेरखान ‘शेर’ का विशेष साक्षात्कार अवनीश सोमकुंवर भारत में फिलहाल पूरी दुनिया की कुल बाघों की आबादी का 70 प्रतिशत है। देश में अभी 30,000 हाथी, 3000 एक सींग वाले गैंडे…
जब देश को ही सरकार से कुछ जानने की ज़रूरत नहीं पड़ी है तो फिर राहुल गांधी अकेले को चीनी हस्तक्षेप और पीएम कैयर्स फंड आदि की जानकारी को लेकर अपना करियर और कांग्रेस का भविष्य दांव पर क्यों लगाना…
10 हिमालयी राज्यों के 50 संगठनों और पर्यावरणविदों ने भेजा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को ज्ञापन हिमालयी क्षेत्र के राज्यों के 50 से अधिक पर्यावरण समूहों, संगठनों, प्रख्यात विचारकों, बुध्दिजीवियों और कार्यकर्ताओं ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते पारिस्थितिकीय संकट और पर्यावरणीय…
आज हम कोरोना महामारी, अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय सकंट को एक साथ झेल रहे हैं। इस संकट में हमें एक महानायक की जरूरत है। हमारे युग के सबसे बड़े नायक महात्मा गांधी हैं। अगर आज गांधी जी होते तो इस संकट…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सिलीकोसिस की समीक्षा हेतु किया वेबीनार का आयोजन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की अगुवाई में 28 जुलाई को प्रदेश में सिलिकोसिस की समीक्षा हेतु वेबीनार का आयोजन किया गया । इस वेबीनार में मुख्यत: सिलिकोसिस के मुद्दे…
दिनेश कोठारी कोविड-19 की मार्फत आए लॉकडाउन ने इंसानी नस्ल को पूंजी, मुद्रा आदि की असल कीमत भी बता दी है। पिछले तीन-साढे तीन महीनों में हमने जिस तरह का जीवन जिया है, उसने कम-से-कम हमें मुद्रा, मनुष्य और उत्पादन…
समृद्ध विविधता से पता चलता है कि भगवान राम की कथा दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी लोकप्रिय है और इसके कई रूप हैं. राममंदिर आन्दोलन पूरी तरह से रामकथा के उस आख्यान पर केन्द्रित है जिसे वाल्मीकि, तुलसीदास और…