30 मई : हिन्दी पत्रकारिता दिवस हिंदी पत्रकारिता का इतिहास एक माने में राष्ट्रीय चेतना की विकास गाथा है। स्वतन्त्रता के बाद हिंदी पत्र-पत्रिकाओं में नए आयाम स्थापित हुए और समाचार पत्रों में विषय वैविध्य भी आया। स्वाधीनता के पश्चात…
कमजोर और छितरी हुई सांगठनिक, राजनीतिक ताकत को अनदेखा करने की बेशर्म हरकत का ही नतीजा है कि महानगरों में सीवर-लाइन सुधारने वाले सैकडों लोग सालाना जान गंवाते हैं और कोई किसी तरह की चूं भी नहीं करता। यहां तक…
कुमार सिद्धार्थ प्रदेश के हर जिले में कोविड अस्पतालों को सुनिश्चित किये जाने की जरूरत मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ये अब तक मध्यप्रदेश के कुल 51 जिलों में अपने…