गांधी जी की 150 वीं जन्मशती मनाते देश में श्रमिक, कारीगर, किसान और न जाने कितने लोग ठगे से अपने घरों और गांवों की ओर भागते नजर आ रहे हैं। आज हमारे बीच गांधीजी तो नहीं हैं, किन्तु गांधी विचारों…
अस्सी के दशक में जिस पर्यावरण के दुख में सरकार और समाज दूबरा हुआ जाता था, अब वही पर्यावरण आंख की किरकिरी बनकर महज टालने योग्य प्रक्रिया बनकर रह गया है। नर्मदा की मुख्यधारा पर बने पहले बडे बांध ‘रानी…
कोरोना के बाद हमें अपनी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्थाएं पटरी पर लाने के लिए क्या–क्या करना होगा? मसलन-क्या हम मजदूरों के काम के घंटों समेत कई तरह की कानूनी सुविधाओं को निरस्त करने की तर्ज पर कंपनियों के मुनाफे…