ब्रह्मविद्या मंदिर

चन्नम्मा हल्लिकेरी : एक तपोनिष्ठ विनोबा विचार की साधिका का मौन होना

रमेश भैया कन्नड़ भाषा की विद्वान, देवनागरी लिपि की प्रचारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुश्री चैन्नमा दीदी (94 वर्ष) का 21 दिसंबर 23 को पवनार आश्रम, वर्धा में ह्रदयगति रुक जाने से देहांत हो गया। चैन्‍नमा दीदी कई दिनों से अस्वस्थ…

समाज के विकास के लिए वैचारिक स्वतंत्रता जरूरी

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में सुश्री ज्योति बहन सभी के उदय का जिस शब्द में समावेश है वह सर्वोदय है। किसी भी समाज के विकास में वैचारिक स्वातंत्र्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।…