दलित

शिक्षा : शैक्षणिक परिसरों में समता और संविधान

देश के ‘प्रीमियम’ शिक्षण संस्थानों में भांति-भांति के दबावों के चलते होने वाली आत्महत्याएं और इनमें भी दलितों, आदिवासियों, पिछडों और अल्पसंख्यकों की बहुतायत हमारी शिक्षा-पद्धति से लगाकर सामाजिक ताने-बाने तक पर गंभीर सवाल खडे कर रही हैं। क्या हैं,…

राजनीतिक परिदृश्य में डाक्टर भीमराव अंबेडकर

भारत के राजनीतिक पटल पर डॉ. अंबेडकर का आगमन जाति प्रथा के खिलाफ संघर्ष से आरंभ हुआ और गोलमेज कांफ्रेंस से लेकर ‘पूना पेक्ट,’ महात्मा गांधी से विरोध और संविधान निर्माण तक व्यापक रहा। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अहिंसक आंदोलनों…

पुलिसिया दमन के पीछे है, दलितों का दोयम दर्जा

पिछले दिनों मध्‍यप्रदेश के एक गांव में खुल्‍लमखुल्‍ला पुलिस हिंसा की जो खबरें आई हैं उसने दलितों की बदहाली, पुलिस सुधार, जमीनों की नाप-जोख में वन और राजस्‍व विभागों की लापरवाही, वनाधिकार कानून जैसे कई सवालों को खडा कर दिया…