vinoba bhave

निर्मला देशपांडे : आजीवन शांति और न्याय के लिए प्रतिबद्ध रहीं

निमिषा सिंह निर्मला देशपांडे Nirmala Deshpande का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने अपने विचारों एवं कार्यों से गांधी और विनोबा को जोड़ने का कार्य किया। गांधी विचार के मूल तत्व संवाद को इन्‍होंने ‘गोली नही बोली चाहिए’ का रूप देकर विपरीत…

‘सर्वधर्म ममभाव’ और विनोबा भावे का दृष्टिकोण

डॉ. पुष्पेंद्र दुबे विनोबा जयंती : 11 सितंबर भूदान आंदोलन के प्रणेता संत विनोबा का जन्म 11 सितंबर 1895 को महाराष्ट्र के गागोदा ग्राम में हुआ। उन्होंने दस वर्ष की आयु में ब्रह्मचर्य व्रत धारण किया और सन् 1916 में…

सप्रेस सेवा का 63वें वर्ष में प्रवेश : मूल्‍य आधारित पत्रकारिता के नये प्रतिमान गढ़ने की दिशा में पहल जारी

इंदौर ।  1 मई 2022 को सर्वोदय प्रेस सर्विस (सप्रेस) ने अपनी स्‍थापना के 62 वां वर्ष पूर्ण कर 63 वें वर्ष में प्रवेश किया है। इन 6 दशक के सफर में सप्रेस ने हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में मूल्‍यगत…

गांधी की रचनात्मक विरासत संभालने वाले विनोबा

महात्मा गांधी की रचनात्मक विरासत को संभालने वाले विनोबा भावे अपनी किन मान्यताओं और उन पर आधारित कैसे व्यवहार की वजह से जाने-पहचाने जाते हैं? और एक आम व्यक्ति की हैसियत से इसे कैसे समझा जा सकता है? प्रस्तुत है,…

हर दिन नयी ज़मीन, हर दिन नया आसमान

11 सितंबर विनोबा भावे की 125 वां जयन्ती वर्ष महात्‍मा गांधी के आध्यात्मिक अनुयायी माने जाने वाले विनोबा अपने विचारों और उन विचारों के क्रियान्‍वयन में अनूठे थे। विडम्बना यह है कि सन्त, महात्‍मा और ईश्‍वर के दर्जे पर रखने…

रिश्तों की मित्रता, मित्रता के रिश्ते

भारतीय संत परम्परा के आधुनिक चिंतकों में आचार्य विनोबा भावे का नाम शीर्षस्थ है। कई विषयों पर उनका चिंतन मौलिक और सबसे अलग हटकर है। मसलन-वे मानते हैं कि सभी रिश्तों में मित्रता सर्वोपरि है और आम मानवीय संबंधों को…