देशभक्ति, संस्कृति, पर्यावरण, यातायात और नागरिक बोध को जोड़ते हुए 30 जनवरी तक होंगे दस प्रमुख आयोजन इंदौर, 11 जनवरी। गणतंत्र दिवस को केवल एक दिन का औपचारिक उत्सव न मानकर उसे जनभागीदारी, रचनात्मकता और नागरिक चेतना के महोत्सव में…
इंदौर में सेवा सुरभि द्वारा आयोजित गांधी जयंती व्याख्यान में राहुल देव का उद्बोधन इंदौर, 28 सितम्बर। “आज के हर मोहल्ले और हर शहर में दस-दस, पचास-पचास गांधी चाहिए। जब तक गांधी की राह पर चलने वाले लोग सामने नहीं…
सेवा सुरभि के पौधरोपण एवं सफाईकर्मियों सम्मान समारोह में हुई घोषणा इंदौर, 17 अगस्त। इंदौर के पांच प्राचीन वृक्षों को नगर निगम अब धरोहर पेड़ का दर्जा देकर संरक्षित करेगा और उनके आसपास का क्षेत्र विकसित करेगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव…
‘सेवा सुरभि’ द्वारा विश्व जल दिवस पर “क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया” विषय पर परिचर्चा का आयोजन इंदौर, 23 मार्च। पर्यावरण विशेषज्ञ, लेखक और चिंतक पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि जल स्रोतों की कमी के कारण करोड़ों की जन आपूर्ति…
इंदौर, 20 मार्च। जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन के बढ़ते खतरों के बीच ‘सेवा-सुरभि’ संस्था द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया’ विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम…
जबलपुर की ‘श्री जानकी बैंड ऑफ वुमन’ ने सुरों में पिरोई कविताएं, सस्वर गान से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध इंदौर 19 जनवरी । भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है श्री जानकी बैंड…
‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ अभियान के तहत संविधान में पर्यावरण पर परिचर्चा इंदौर, 15 जनवरी। पर्यावरण को सरकार की प्राथमिक सूची में शामिल होना चाहिए। देश में हर वर्ष 42 अरब टन कार्बनडाई आक्साईड पैदा हो रही है। इससे बचने …
सेवा सुरभि द्वारा गांधी जयंती की पूर्व बेला में गांधीवादी चिंतक कुमार प्रशांत का व्याख्यान इंदौर, 29 सितम्बर। जहां कहीं हिंसा, अन्याय, अत्याचार एवं शोषण होता है, वहां लोग गांधी की तस्वीर लेकर विरोध करते हैं, क्योंकि गांधी ने हमेशा…
सेवा सुरभि ने हरियाली , हवा और पानी की सलामती के लिए किया विचार मंथन इंदौर 2 जून। किसी समय इंदौर के एक ही क्षेत्र में 9 लाख पेड़ थे, इसलिए नाम पड़ गया नवलखा। पलासिया, लालबाग, पीपली बाजार, इमली …
गांधी जयंती की पूर्व बेला पर वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का व्याख्यान इंदौर, 1 अक्टूबर। हम महसूस ही नहीं कर पा रहे है कि समाज बेसुध क्यों हो रहा है? इसकी जुबान क्यों लडखड़ा रही है। इस दौर में देश-…