विश्व जल दिवस के निमित्‍त 23 मार्च को ‘क्‍या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया?’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन

इंदौर, 20 मार्च। जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन के बढ़ते खतरों के बीच ‘सेवा-सुरभि’ संस्था द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया’ विषय पर एक महत्‍वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रविवार, 23 मार्च को दोपहर 3.30 बजे इंदौर प्रेस क्लब के माथुर सभागृह में होगा।

सेवा सुरभि के संयोजक ओम नरेडा, कुमार सिद्धार्थ, संजय पटेल एवं ओ.पी. जोशी ने बताया कि शहरों के बढ़ते दायरे, हर दिन बढ़ती आबादी और खेती में ट्यूबवेल व नलकूपों की बढ़ती निर्भरता ने जल संकट को और गहरा कर दिया है। पानी की महत्ता को अनदेखा करने की प्रवृत्ति और बिगड़ता पर्यावरण मिलकर भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी दे रहे हैं। सवाल उठता है कि क्या आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा? या फिर जल संकट एक ऐसी कड़वी सच्चाई बन जाएगा जिससे बचना असंभव होगा? ऐसे में ‘सेवा-सुरभि’ संस्था ने इस विषय पर मंथन के लिए एक परिचर्चा का आयोजन किया है। कार्यक्रम में जल संरक्षण, शहरीकरण, जल स्रोतों के सूखने, नदियों के प्रदूषण, बढ़ती जनसंख्या के प्रभावों एवं जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरों पर चर्चा होगी।

इस महत्‍वपूर्ण विचार-विमर्श में तीन प्रतिष्ठित वक्ता अपने विचार रखेंगे उनमें दिल्‍ली से वरिष्ठ लेखक और पर्यावरणीय विषयों के जानकार श्री पंकज चतुर्वेदी प्रमुख वक्‍ता होंगे, जो पिछले 4 दशकों से देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। दूसरे वक्‍ता श्री शिवम वर्मा , निगमायुक्त, इंदौर होंगे, जिन्होंने शहर में जल प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर कई अहम परियोजनाओं का नेतृत्व किया है। तीसरे वक्‍ता के तौर पर पर्यावरण मुददों के जानकार एवं जीएसआईटीएस के डॉ. संदीप नारुलकर होंगे। वे जलवायु परिवर्तन और जल संरक्षण पर गहन शोध कर चुके हैं। इस मौके पर शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव की उपस्थिति से संभव हो सकेगी।

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यह परिचर्चा न केवल विशेषज्ञों तक सीमित रहेगी, बल्कि इसमें आम नागरिक भी भाग लेकर अपने विचार रख सकेंगे। यह एक ऐसा मंच होगा जहां जल संरक्षण के ठोस उपायों पर चर्चा होगी और समाज को जागरूक करने की दिशा में सार्थक कदम उठाए जाएंगे।

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