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‘पेसा’ की पहल से बढ़ेगा जनजातियों का गौरव

लगभग तीन दशक पहले भारत की संसद ने आदिवासी इलाकों के लिए एक बेहद जरूरी कानून ‘पेसा’ पारित किया था। इसमें आदिवासी समाज को उनकी पारंपरिक स्वायत्तता और उसी के मुताबिक आसपास के संसाधनों को वापरने की अनुमति दी गई…