River Rejuvenation

भू-सांस्कृतिक मानचित्र पर प्रकृति–संस्कृति समन्वय पर राष्ट्रीय विचार मंथन

विभिन्‍न एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन से प्रतिनिधि शामिल, शिक्षा–विज्ञान–डिज़ाइन संस्थानों के विशेषज्ञों ने रखे विचार नई दिल्ली, 16 नवंबर। तरूण भारत संघ के तत्‍वावधान में भू–सांस्कृतिक मानचित्र (Geo–Cultural Map) को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय विचार मंथन कार्यशाला का आयोजन इंडियन नेशनल साइंस…

जीवनदायनी नदियां : नदियों को नालों में बदलता समाज

यह जानने के लिए कोई भारी–भरकम शोध की जरूरत नहीं है कि देशभर की तमाम छोटी-बडी नदियां बदहाल हैं और उनमें से अधिकांश अपने आखिरी दिन गिन रही हैं। सचराचर जगत की जीवनदायिनी नदियां आखिर क्यों इतनी बेहाल हैं? क्या…

जन-श्रम और प्रकृति का मेल : बेतवा उद्गम स्थल के पुनर्जीवन की पहल

डॉ. परशुराम तिवारी मध्यभारत की प्राचीन नदी बेतवा के उद्गम स्थल झिरी में एक प्रयोग संपन्न हुआ है। 25 से 31 मई 2025 तक आयोजित “बेतवा श्रमदान सप्ताह” में सर्वोदय विचारधारा से प्रेरित समाजसेवियों और ग्रामीणों ने मिलकर केवल श्रम…