Political views

चिंतन : विचार शून्यता और लोकतंत्र

मौजूदा समय में विचार-शून्यता एक बड़े संकट की तरह स्थापित होती जा रही है। यहां तक कि हमारा लोकतंत्र देशी है या विदेशी जैसे आसन्न सवालों को भी अपेक्षित गंभीरता से हल नहीं किया जा रहा। क्या यह अपने समय…