बिहार में जारी वोटर लिस्ट के गहन परीक्षण ने तमाम राजनीतिक पार्टियों के सामने गंभीर संवैधानिक सवाल खडा कर दिया है। ऐसे में क्या एक विकल्प चुनावों का बहिष्कार नहीं हो सकता? बिहार के बहाने जो चुनाव आयोग सारे देश…
सत्ता पर काबिज होने की ललक ने हमारी राजनीतिक जमातों को साम्प्रदायिक बना डाला है, लेकिन क्या इससे हम एक बेहतर समाज बना पाएंगे? प्रस्तुत है, इसी की पड़ताल करता कुलभूषण उपमन्यु का यह लेख। हम भाजपाई हो सकते हैं…