P. sainath

स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ देने की जरूरत : पी. साईंनाथ

पत्रकारिता और मीडिया को गड्डमड्ड करना और एक ही समझना ठीक नहीं है| आधी सदी पहले वे दोनों एक सरीखे ही रहे हों, पर आज नहीं हैं। देश के मीडिया के बड़े हिस्से पर कारपोरेट सेक्टर का कब्जा है। आज…

ग्रामीण पत्रकारिता के खतरे

सर्वाधिक खतरे उठाते हुए न्यूनतम संसाधनों में पत्रकारिता करने वाले हमारे कस्बाई, ग्रामीण पत्रकारों की हालत किसी से छिपी नहीं है। कई बार सत्ता और सेठों की खबर देते, लेते हुए अपनी जान तक की बाजी लगाने वाले ऐसे पत्रकारों…