Nobel Peace Prize

मारिया कोरिना माचाडो : आलू के बोरे से बदतर हुआ, शांति का नोबेल

वर्ष 1964 में साहित्य के नोबेल को ठुकराते हुए ज्यां पॉल सात्र ने तो उसे ‘आलू के बोरे’ का दर्जा दिया था, लेकिन छह दशक बाद 2025 में वेनेजुएला की जिन मारिया कोरिना माचाडो को शांति का नोबेल दिया गया…

ट्रम्प और नोबेल पुरस्कार : शांति के मायने बदलने का दौर?

नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह सम्मान “शांति” के लिए है या “राजनीति” के लिए। ट्रम्प को उम्मीद थी कि गाज़ा युद्धविराम में उनकी भूमिका के चलते…