अपने समय में शिक्षा सर्वाधिक विवादास्पद जरूरत बनकर रह गई है। कोई अपने बच्चों को क्यों, कैसी और कितनी शिक्षा दिलाए? इतना सब करने के बाद क्या शिक्षा के घोषित उद्देश्य पूरे हो सकेंगे? शिक्षा व्यवस्था के दो ध्येय होते…
बाजार-वाद के हल्ले में सरकारी अस्पतालों की तरह सरकारी स्कूलों को हम कितना भी गरिया लें, सर्वाधिक लोगों को स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा इन्हीं की मार्फत मिलती है। तो फिर इन्हीं को बेहतर क्यों नहीं किया जाए? खासकर तब, जब कोविड-19 की ‘मेहरबानी’ से…
राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 पिछले महीने आई ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020’ को लेकर राजनीतिक दलों और शिक्षा के काम में लगे कई समूहों में बेचैनी है। वे मानते हैं कि इस नीति की दम पर शिक्षा का निजीकरण…
कोविड-19 से बदहाल देश के सामने, बिना किसी संतोषजनक संवाद, बातचीत के, हड़बड़ी में लाई गई ‘शिक्षा नीति-2020’ आखिर क्या उपलब्ध करना चाहती है? क्या यह तेजी से बढ़ती निजी पूंजी को और बढाने की खातिर सस्ते मजदूरों की व्यवस्था…