Liberalization

नए विश्व संकट में पुराने विचारों का नया अर्थ : गांधी, जयप्रकाश और लोहिया की प्रासंगिकता

गांधी, जेपी और लोहिया केवल अतीत के नाम नहीं, भविष्य की दिशा हैं। जब दुनिया हथियारों और बाजारों के जाल में उलझी है, तब उनके समाजवाद, आत्मनिर्भरता और नैतिक राजनीति के विचार फिर जीवित हो रहे हैं। यह समय उन्हें…