Jagdeep chokar

जगदीप छोकर और ‘एडीआर’ : क्या उनके बिना भी ऐसा ही होता हमारा लोकतंत्र

12 सितंबर को प्रो. जगदीप छोकर के निधन से लोकतंत्र का एक प्रहरी चला गया। एडीआर की पहल से मतदाताओं को उम्मीदवारों की आपराधिक, आर्थिक व शैक्षिक पृष्ठभूमि जानने का अधिकार मिला और ‘नोटा’ विकल्प भी संभव हुआ। उनकी भूमिका…