Hindi literature

काका साहेब कालेकर : विचार, साहित्य और सामाजिक न्याय के गांधीयुग पथप्रदर्शक

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य और सामाजिक सुधार के प्रमुख स्तंभ काका साहेब कालेकर न केवल गांधीजी के निकटतम सहयोगी थे, बल्कि भाषा, शिक्षा, नैतिकता और सामाजिक न्याय के प्रखर विचारक भी रहे। शिक्षक, साहित्यकार, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी के रूप…

उपन्यास : कुछ सवाल, कुछ बेचैनी का संसार है ‘कबिरा सोई पीर है’

जगमोहन सिंह कठैत पुस्‍तक समीक्षा “काबिरा सोई पीर है” को पढ़कर पूरा किये काफी दिन हो गए हैं लेकिन यह किताब दिमाग से उतर नहीं रही है। तो इसके बारे में लिखना जरूरी लगा। शुरू में ही इस बात को…