Gandhi’s vision

गांधीजी की दृष्टि और पश्चिम एशिया का संकट

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब अमीर ‘मित्र-राष्ट्र’ दुनिया का हिस्सा-बांटा कर रहे थे, भारत में महात्मा गांधी शांतिपूर्ण, अहिंसक और दोस्ताना दुनिया के भविष्य की जुगत बिठा रहे थे। क्या 80-85 साल पहले दुनिया के सत्ताधारियों, खासकर पश्चिम एशिया के…