Gandhi jayanti

एक कदम गांधी के साथ : संविधान, लोकतंत्र और इंसानियत की सहयात्रा

सर्व सेवा संघ ने सहमना संगठनों और सहयोगियों के साथ राजघाट, वाराणसी से दिल्ली तक संविधान मार्च की पदयात्रा की घोषणा की है। गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से शुरू होकर संविधान दिवस (26 नवंबर) को जंतर-मंतर पर संपन्न होने वाली…

Sonam Wangchuk : लद्दाख से उठी हिमालय की आवाज

महात्मा गांधी के जन्मदिन के ठीक एक दिन पहले हजार किलोमीटर की पद और यदा-कदा वाहन यात्रा करके अपनी बात कहने आए कुल-जमा डेढ़ सौ लद्दाखियों को देश की राजधानी की सीमा पर रोकने की आखिर क्या वजह हो सकती…

महात्‍मा गांधी : व्यक्ति नहीं, एक विचार

आचार्य विनोबा भावे गांधी को समझने के लिए विनोबा से बेहतर कौन हो सकता है? जिन्हें खुद गांधी ने ‘पहला सत्याग्रही’ माना हो, वे गांधी को दैवीय महापुरुष की बजाए एक इंसान मानते थे। ‘सप्रेस’ के दस्तावेजों में 1973 में…

देश- दुनिया महात्‍मा गांधी को कहां छोड़ कर आ गई है, आखिर उन्‍हें कहां ढूंढे?

गांधी जयंती की पूर्व बेला पर वरिष्‍ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का व्‍याख्‍यान इंदौर, 1 अक्टूबर। हम महसूस ही नहीं कर पा रहे है कि समाज बेसुध क्‍यों हो रहा है? इसकी जुबान क्‍यों लडखड़ा रही है। इस दौर में देश-…