emotional narratives

उपन्यास : कुछ सवाल, कुछ बेचैनी का संसार है ‘कबिरा सोई पीर है’

जगमोहन सिंह कठैत पुस्‍तक समीक्षा “काबिरा सोई पीर है” को पढ़कर पूरा किये काफी दिन हो गए हैं लेकिन यह किताब दिमाग से उतर नहीं रही है। तो इसके बारे में लिखना जरूरी लगा। शुरू में ही इस बात को…