Dr. Rajendra singh

तरुण भारत संघ की स्वर्ण जयंती पर नदियों और समाज को जोड़ने की राष्ट्रव्यापी पहल

भीकमपुर (राजस्थान), 15 मई । पानी की बूंदों से जीवन के ताने-बाने को बुनने वाला संगठन तरुण भारत संघ इस वर्ष अपने स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पिछले 50 वर्षों में जल और समाज के रिश्ते को…

भारत का भू-सांस्कृतिक मानचित्र : संस्कृति और प्रकृति की समरसता का दस्तावेज

भारत की विविध भूमि, जलवायु और सांस्कृतिक पहचान को एक साथ दर्शाने वाला “भारत का भू-सांस्कृतिक मानचित्र” तरुण भारत संघ की एक अभिनव पहल है। यह मानचित्र देश की आत्मा से जुड़ी प्रकृति और संस्कृति के रिश्ते को उजागर करता…

कैसे चंबल के खूंखार डाकू बन गए जल संरक्षण के सिपाही

चंबल में तरुण भारत संघ ने जल संरक्षण के ज़रिए बदला बागियों का जीवन राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर फैले चंबल क्षेत्र को कभी डकैतों की धरती कहा जाता था, लेकिन आज यही धरती जल संरक्षण और शांतिपूर्ण जीवन…

पानी पंचायत: जल संरक्षण और स्वावलंबन की यात्रा

महाकुंभ प्रयागराज में पानी पंचायत पुस्तक का विमोचन महाकुंभ प्रयागराज में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘‘कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन’’ सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर से विद्वानों, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, संतों, विधायक, सांसद आदि ने भाग…

तरुण भारत संघ स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2023 से सम्मानित

हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) के संस्थापक डॉ. स्वामी राम के 28 वां महासमाधि दिवस (13 नवम्बर 2023) के अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट ने राजस्‍थान की ख्‍यातनाम संस्‍था तरुण भारत संघ को स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2023…

वन, पानी और मिट्टी का प्रबंधन भारतीय ज्ञान तंत्र और विद्या के आलोक में करने की जरूरत

भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के 42वें स्थापना दिवस पर पर्यावरणविद् राजेंद्र सिंह का उदबोधन 6 फरवरी, भोपाल । हमें वन, पानी और मिट्टी का प्रबंधन भारतीय ज्ञान तंत्र और विद्या के आलोक में करना होगा। हम यदि इसका प्रबंधन विद्या…