diversity

विविधता में एकता ही सर्वश्रेष्ठ भारत की पहचान

राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का मेल नहीं, बल्कि विविधताओं के बीच बंधुत्व, सहिष्णुता और साझा मूल्यों की भावना है, जो भारत को “एकता में अनेकता” का जीवंत उदाहरण बनाती है। सरदार पटेल के एकीकरण से लेकर बाबा आमटे की…

हैसियत खोती ‘सिविल सोसायटी’

‘सिविल सोसाइटी’ के बढ़ते ‘संस्थानीकरण’ के दौर में काम को ‘सुव्यवस्थित’ रूप से करने का चलन बढ़ा है। इसका अर्थ यह है कि ‘सिविल सोसाइटी’ अब एक सुरक्षित माहौल में काम करना चाहती है, पर दबे-कुचलों की आवाज़ उठाना सुरक्षित…