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समसामयिक : कबीर दास की उल्टी वाणी

चुनावी बुखार ऐसा ही होता है ! आप हमेशा ही सन्निपात में होते हैं, फिर आपको अहसास ही नहीं होता कि आप जो कह रहे हैं वह कहने लायक है या नहीं; और यह भी कि आप जिनका गर्व से,…