critical thinking

मिथकों से विज्ञान तक : भ्रमों की परतें हटाती एक संवादात्मक पुस्‍तक

गौहर रज़ा की किताब “मिथकों से विज्ञान तक” सिर्फ़ विज्ञान की बात नहीं करती, बल्कि सोचने की आज़ादी का जश्न मनाती है। यह किताब पढ़ते हुए पाठक अपने पुराने ‘सच’ को नए सवालों की रोशनी में देखने लगता है। यह…