प्रख्यात गांधीवादी और सर्वोदयी नेता डॉ. एस.एन. सुब्बाराव ‘भाईजी’ युवाओं को यही जीवन-दृष्टि सिखाते थे कि हर छोटा कार्य भी देश और समाज से जुड़ सकता है। उनकी 97वीं जयंती पर सेवा, अहिंसा, सद्भाव और चरित्र-निर्माण के उनके जीवंत संदेश…
निर्मला देशपांडे—एक साधारण सी दिखने वाली असाधारण स्त्री, जिन्होंने खादी पहनकर हिंसा की आग में भी शांति के फूल बोए। भूदान से लेकर कश्मीर और गुजरात तक, वे जहां गईं, करुणा, संवाद और समर्पण की मिसाल बन गईं। उनकी जयंती…
वाराणसी, 10 अगस्त। साझा संस्कृति मंच वाराणसी के बैनर तले आज कैंटोनमेंट नदेसर चौराहे से लेकर अम्बेडकर मूर्ति, कचहरी तक एक शांति मार्च निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियाँ, गले में तख्तियाँ और चेहरों पर गंभीर संकल्प—इस मार्च का उद्देश्य भारत…
कहा जाता है कि हर देश की एक सेना होती है, लेकिन पाकिस्तान में सेना का एक देश है। दो टुकडों में विभाजित और कई अन्य टुकडों में विभाजन के लिए तैयार उसी पाकिस्तान की सेना के मुखिया जनरल सैयद…
सत्ता पर काबिज होने की ललक ने हमारी राजनीतिक जमातों को साम्प्रदायिक बना डाला है, लेकिन क्या इससे हम एक बेहतर समाज बना पाएंगे? प्रस्तुत है, इसी की पड़ताल करता कुलभूषण उपमन्यु का यह लेख। हम भाजपाई हो सकते हैं…