Aravalli range

“अरावली पर्वतमाला की पारिस्थितिकी, पर्यावरण और कृषि” विषयक अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव की जनघोषणा

उदयपुर। भारत और दुनिया से आए विशेषज्ञ एवं पर्यावरण चिंतक अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के साझा संकल्प के साथ उदयपुर में एकत्र हुए। 7–8 फरवरी को जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय) में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव, चौथे…

दरकती अरावली, फैलता मरुस्थल

अरावली पर्वतमाला में बढ़ते उत्खनन और वन क्षरण के बीच पड़ी 12 बड़ी दरारों ने मरुस्थलीकरण के खतरे को गंभीर बना दिया है। उपग्रह अध्ययनों पर आधारित सरकारी रिपोर्ट संकेत देती है कि इन कमजोर हिस्सों से थार की रेत…

अरावली केवल पर्वत नहीं, जीवनदायिनी पारिस्थितिक व्यवस्था है: राजेंद्र सिंह

उदयपुर में चतुर्थ विश्व जल सम्मेलन में अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं कृषि पर विमर्श रिपोर्ट पुनीत कुमार उदयपुर, 7 फरवरी। जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर में आयोजित चतुर्थ विश्व जल सम्मेलन के प्रथम दिवस पर देश विदेश…

देश की रीढ़ अरावली : दर्द न जाने कोय

अरावली की जिस पर्वतमाला को बचाने के लिए नब्बे के दशक में समाज के साथ साक्षात सुप्रीम कोर्ट तक आगे आया था, आज उसके हाल बेहाल हैं। तरह-तरह की कोशिशों के बावजूद भारत की इस ‘रीढ़’ को बर्बाद किया जा…

देश भर के साझा संसाधनों की हिफ़ाज़त के लिए जन आंदोलनों की पारिस्थितिक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी

नई दिल्ली 7 जून। नेशनल अलायंस आफ पीपुल्‍स मूवमेंट (NAPM) से जुड़े ‘राष्‍ट्रीय जलवायु और पर्यावरणीय न्‍याय मंच’ (NACEJ) ने शु‍क्रवार को ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे पारिस्थितिक न्याय के लिए संचालित जन…