ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था अब केवल खेती पर निर्भर नहीं रही है। आम बजट में पशुधन, दुग्ध, मुर्गी और मत्स्य पालन को सशक्त करने के ठोस प्रावधान ग्रामीण आजीविका को नया आधार देते हैं। पशु-चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और कुशल…
आजादी के बाद जिस अवधारणा को बार-बार याद करने की जरूरत है, वह स्वराज है। गांधी की मार्फत आई हमारे देसी समाज की यह अवधारणा अनेक संकटों की समझ देकर उनसे निजात दिला सकती है। कुछ समाजसेवी हैं जो यदा-कदा…
जीवन की तरफ पीठ देकर खड़ी की जा रही समृद्धि ने क्या हमें उस बुनियादी सुख से भी वंचित कर दिया है, जो इस तमाम खटराग का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए? और यदि यह सही है तो फिर क्या हमें…
राजस्थान हमारे देश में पशुपालन के लिए जाना जाता है, लेकिन आजकल इसी पशुपालन के लिए सबसे जरूरी चारागाहों को लेकर भारी बवाल मचा है। एक तरफ, जमीन की लगातार बढ़ती ‘भूख’ है तो दूसरी तरफ, दुधारू, खेतिहर पशुओं के…