शैलेश शुक्ला हाथरस की घटना के बाद पहले सोचा कि बेटी – बेटी है दलित हो या सवर्ण की। इसलिए जो इस मुद्दे पर जातिवादी विमर्श को हवा दे रहे थे मैंने उनको इग्नोर करना उचित समझा। अपने जीवन में कभी…