हर वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व आदिवासी दिवस, उन समुदायों के जीवन दर्शन और प्रकृति संग सह-अस्तित्व की अनूठी परंपरा को सम्मानित करने का अवसर है। जंगल, जल और जमीन से गहरे जुड़े आदिवासी समाज का ज्ञान,…
आदिवासी समाज की बदहाली को देखना-समझना चाहें तो आसानी से उस संवेदनहीनता पर उंगली रखी जा सकती है जिसे लेकर सत्ता, सेठ और समाज आदिवासियों को अपनी तरह के विकास की चपेट में फांसने में लगे हैं। कमाल यह है…
9 अगस्त : विश्व आदिवासी दिवस जल, जंगल और जमीन को परंपराओं में भगवान का दर्जा देने वाले आदिवासी बिना किसी आडंबर के जंगलों और स्वयं के अस्तित्व को बचाने के लिए आज भी निरंतर प्रयासरत है। यह समुदाय परंपराओं…