गाँधी की बात की जाए और ‘हिन्द स्वराज’ की बात न हो, यह मुमकिन नहीं। एक तरह से गांधी विचार का सारतत्व उम्र के चालीसवें साल में लिखी उनकी इसी छोटी सी पुस्तिका में है, लेकिन क्या ‘हिन्द स्वराज’ आज…